
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के ग्राम पिरदा में 25 मई को स्पेशल ब्लास्ट कंपनी में हुए विस्फोट के बाद से लापता 8 मजदूरों में से 7 का डीएनए मैच होने से मृतकों की पहचान हो गई है। इसके बाद बेरला थाने में अलग-अलग सूूचनाकर्ता के आधार पर घटना के दो माह बाद मर्ग कायम किया गया है।
55 दिनों बाद डीएनए रिपोर्ट आई है। जिसके बाद 8 में से 7 मजदूरों के डीएनए मैच हुए है..
घटना के बाद मलबे में मौके पर मिले मानव अवशेष को पीएम व डीएनए जांच के लिए रायपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। मेडिकल कॉलेज में डीएनए टेस्ट के लिए विजय देवदास पिरदा, पुष्पराज देवदास पिरदा, राजू धु्रव पिरदा, नीरज धुव्र भिभौरी, लोकनाथ यादव गबदा, भीषम साहू बोरसी, नरहर यदु बोरसी, शंकर यादव उफरा समेत सभी लापता व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य का डीएनए जांच के लिए लिया गया था। ( Bemetara Blast ) टेस्ट के करीब 55 दिन बाद आई रिपोर्ट में विजय देवदास के डीएनए टेस्ट मैच नहीं होने पर उनकी माता का डीएनए जांच के लिए भेजा जा रहा है।
डीएनए रिपोर्ट नहीं मिलने की वजह से दण्डाधिकारी जांच लंबित थी। इससे पूर्व पीएम रिपोर्ट में मृतकों के मौत का कारण विस्फोट से होना बताया गया है इस 22 गांव के किसानों ने किया फैक्ट्री बंद करने की मांग, 9 लोगों की हुई थी मौत ) स्पेशल ब्लास्ट कंपनी पिरदा में 25 मई को भारी विस्फोट के बाद से 8 मजदूर लापता थे।



