
रायपुर। मौसम की बेरुखी ने अब छत्तीसगढ़ का रुख किया है। मौसम विभाग में आने वाले 5 से 7 दिनों में कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी है। सिर्फ मंडरा कर गायब हो जाने वाले बादल अब बरसने लगे हैं ऐसे में अब पूरे भारत में विशेष रूप से मनाएं जाने वाले त्योहार दशहरा पर्व पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है, और अगर दशहरे के दिन ही बारिश होती है तो दशहरे पर जुटने वाली भीड़ कम होगी और दशहरे पर होने वाले रात्रि के मनोरंजन नाच गान के कार्यक्रम भी रद्द हो सकते हैं।

आम चर्चा।
लोगो के बीच यह आम चर्चा का विषय है कि इस बार दशहरा या दिवाली जैसे त्योहार पहले आ जाने के कारण इन त्योहारों पर बारिश असर पड़ सकता है। दिवाली भी जल्द ही है और फसल को आने में अभी देरी है इससे त्योहार पर खरीदी या खुशियां फीकी हो सकती है।

अगर दशहरे के दिन ही बारिश होती है तो रावण राज की मौत इस बार जलकर नही, डूबकर या भीगकर होने वाली है।।
रावण कभी मरता नही बल्कि और शक्तिशाली बन जाता है।
हर साल दशहरे के दिन रावण दहन की प्रथा चली आ रही है यह प्रथा सही है या गलत इस पर कई प्रकार की चर्चाये सुनने में मिलती है। रावण को महाज्ञानी ब्राम्हण शक्तिशाली और दानवीर बताया गया है। रामायण में स्वयं भगवान राम ने रावण की प्रशंशा की है। ऐसे में जहां कलयुग में लोग अपने अंदर के पाप को दिन ब दिन बड़ा कर रहे है और हर दशहरे रावण को बुराई का प्रतीक मानकर महाज्ञानी रावण का दहन करते हैं।



